शनिवार, 25 नवंबर 2023

बुधवार, 3 मार्च 2021

अध्वर्यु - पाण्डेय परिवार

अध्वर्यु पाण्डेय परिवार 

 अध्वर्यु - परशुराम के यज्ञ में नारायण की भुजाओं से निकले हुए सोलह ऋत्विकों में से एक , जो सम्पूर्ण पश्चिम के साथ प्रस्तुत किया गया था: 1 भृगु सोम की राजसूय में अध्वर्यु थे ।

अध्वर्यु जिझौतिया ब्राह्मणों का एक उपनाम है। जिझौतिया ब्राह्मणों में अध्वर्यु उपनाम अंतर्गत एकमात्र गोत्र भरद्वाज है जिसका आदिग्राम टेहरी है जो मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिला में पड़ता है। भरद्वाज गोत्र में तीन प्रवर – भरद्वाज, अंगिरा और वार्हस्पत्य है। जिझौतिया ब्राह्मण अंतर्गत अध्वर्यु उपनाम व भरद्वाज गोत्र के वेद – यजुर्वेद , उपवेद – धनुर्वेद , शाखा – माध्यन्दिन , सूत्र – कात्यायन, छन्द – अनुष्टुप , शिखा – दक्षिण , पाद – दक्षिण , देवता – शिव एवं कुलदेवता – गुसाईं बाबू हैं। इनके पूजा का समय भाद्र शुक्ल दोज है।

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इस परिवार के समस्त वंशजों पर आशुतोष भगवान भोलेनाथ के साथ ही भगवान श्री रामराजा सरकार की अनंत अनंत कृपा करूणा शुरू से ही रही है । परिवार के सदस्य अत्यंत महत्वपूर्ण पद को मां सरस्वती जी की कृपा से उच्च पद पर आसीन है । तथा इसी के साथ हमारे पूज्य पूर्वज भी इस प्रकार है । 

हमारे परिवार के समस्त सदस्य भारद्वाज गोत्र में जन्में अध्वर्यु ब्राम्हण है, पांडित्य कर्म के कारण क्षेत्रीय सभी जनों ने पाण्डेय नामक उपाधि से विभूषित किया । 

चित्रित वंशावली 2017 संस्करण

शनिवार, 16 जनवरी 2021

दर्शनीय संत

 वैसे तो समस्त संत महंत भगवंत स्वरूप बंदनीय पूज्यनीय है किन्तु विशेष रूप से हमारे इस्ठ संत इस प्रकार है ।

ANANT SHRI SAMPANNA SHRI SHRI 108 SHRI BHAKTMALI SHRI GANESH DAS JI MAHARAJ





ANANT SHRI SAMPANNA SHRI SHRI 108 SHRI MAHAMANDLESHWAR
 SHRI MITHILA SHARAN DAS JI MAHARAJ





ANANT SHRI SAMPANNA SHRI SHRI 108 SHRI MALOOK PEETHADHISHWAR
 SWAMI SHRI RAJENDRA DAS JI MAHARAJ





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श्री ललित बिहारी विहारिणी जू सरकार